१.पुरुष तथा वचन
जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, जिससे कुछ कहा जाता है तथा जो कहता है, उसे पुरुष कहते हैं।यथा-
स:-वह
तौ-वे दनों
ते-वे लोग
त्वम्-तुम
युवाम्-तुमदोनों
यूयम्-तुमलोग
अहम्-मैं
आवाम्-हमदोनों
वयम्-हमलोग
संस्कृत व्याकरण में पुरुष तीन प्रकार के होते हैं-
१.प्रथम पुरुष-जिसके बारे में कुछ कहा जाता है,, उसे प्रथम पुरुष कहते हैं।यथा- स:, राम:, बालक: तौ, ते, आदि प्रथम पुरुष होते हैं।
उदाहरण
सः पठति। — वह पढ़ता है।
तौ दावत:।-वह दौड़ता है।
ते गच्छन्ति। — वे जाते हैं।
यहाँ सः,तौ और ते प्रथम पुरुष हैं।
२. मध्यम पुरुष-जिससे कुछ कहा जाता है,उसे मध्यम पुरुष कहते हैं।यथा-त्वम्,युवाम्,यूयम् मध्यम पुरुष के अंतर्गत आते हैं।
उदाहरण
त्वं लिखसि। — तुम लिखते हो।
युवाम् खाद्य।-तुम दोनों खाते हो।
यूयं खेलथ। — तुम लोग खेलते हो।
यहाँ त्वम्, युवाम्, यूयम् मध्यम पुरुष हैं।
३. उत्तम पुरुष-जो कहता है, उसे उत्तम पुरुष कहते हैं।यथा-अहम्, आवाम्, वयम् उत्तम पुरुष के अंतर्गत आते हैं।
उदाहरण
अहम् पठामि। — मैं पढ़ता हूँ।
आवाम् लिखाव:।-हमदोनों लिखते हैं।
वयम् गच्छामः। — हम जाते हैं।
यहाँ अहम्, आवाम्, वयम् उत्तम पुरुष हैं।
जिससे संख्या का पता चलता है उसे वचन कहते हैं।यथा-बालक:-एक बालक, तौ-वे दोनों,वयम्-हमलोग।
संस्कृत में वचन तीन प्रकार के होते हैं—
१. एकवचन-जब किसी एक व्यक्ति, वस्तु या प्राणी का बोध हो, तब एकवचन होता है।
यथा-
बालकः पठति। — बालक पढ़ता है।
रामः गच्छति। — राम जाता है।
यहाँ “बालकः” और “रामः” एक व्यक्ति का बोध करा रहे हैं, इसलिए एकवचन हैं।
२. द्विवचन-जब दो व्यक्तियों, वस्तुओं या प्राणियों का बोध हो, तब द्विवचन होता है।
संस्कृत भाषा की यह विशेषता है कि इसमें दो के लिए अलग वचन है।
उदाहरण
बालकौ पठतः। — दो बालक पढ़ते हैं।
रामौ गच्छतः। — दो राम जाते हैं।
यहाँ “बालकौ” और “रामौ” दो व्यक्तियों का बोध करा रहे हैं।
३. बहुवचन-जब दो से अधिक व्यक्तियों, वस्तुओं या प्राणियों का बोध हो, तब बहुवचन होता है।
उदाहरण
बालकाः पठन्ति। — बालक पढ़ते हैं।
रामाः गच्छन्ति। — राम लोग जाते हैं।
यहाँ “बालकाः” और “रामाः” अनेक व्यक्तियों का बोध करा रहे हैं।