२.कर्त्ता तथा क्रिया
१.कर्त्ता-जो किसी कार्य को करने स्वतंत्र होता है, उसे कर्त्ता कहते हैं।यथा-
रामः पठति।
(राम पढ़ता है।)
यहाँ “रामः” कार्य करने वाला है, इसलिए यह कर्ता है।
बालकः खेलति।
(बालक खेलता है।)
यहाँ “बालकः” कर्ता है।
२. क्रिया-जिस शब्द से किसी कार्य का करना या होना बताया जाए, उसे क्रिया कहते हैं।
उदाहरण
रामः पठति।
यहाँ “पठति” क्रिया है।
छात्राः लिखन्ति।
यहाँ “लिखन्ति” क्रिया है।
कर्ता और क्रिया का संबंध
संस्कृत में कर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार क्रिया का रूप बदलता है।यथा-
सः पठति।
तौ पठतः।
ते पठन्ति।
यहाँ एकवचन, द्विवचन और बहुवचन के अनुसार क्रिया बदल रही है।
कुछ उदाहरण
बालकः धावति।
कर्ता — बालकः
क्रिया — धावति
छात्रौ लिखतः।
कर्ता — छात्रौ
क्रिया — लिखतः
बालकाः गायन्ति।
कर्ता — बालकाः
क्रिया — गायन्ति
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
जयतु संस्कृतम्।