संस्कृत में "स्म" अव्यय का प्रयोग सामान्यतः भूतकाल (Past Tense) का भाव व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह प्रायः वर्तमानकाल की क्रिया के साथ जुड़कर "करता था, जाते थे, पढ़ता था" आदि अर्थ देता है।
नियम:
वर्तमानकाल की क्रिया + स्म = अपूर्ण भूतकाल (करता था / करते थे)।
उदाहरण
अहं विद्यालयं गच्छामि। → मैं विद्यालय जाता हूँ।
अहं विद्यालयं गच्छामि स्म। → मैं विद्यालय जाता था।
सः पुस्तकं पठति। → वह पुस्तक पढ़ता है।
सः पुस्तकं पठति स्म। → वह पुस्तक पढ़ता था।
सा गीतं गायति। → वह गीत गाती है।
सा गीतं गायति स्म। → वह गीत गाती थी।
वयं वृक्षान् रोपयामः। → हम वृक्ष लगाते हैं।
वयं वृक्षान् रोपयामः स्म। → हम वृक्ष लगाते थे।
ते भोजनं कुर्वन्ति। → वे भोजन करते हैं।
ते भोजनं कुर्वन्ति स्म। → वे भोजन करते थे।
संस्कृत में अनुवाद करें-
मैं पुस्तक पढ़ता था।मैं फल खाता था। तुम जल पीते थे।वह पत्र लिखता था। वह माला धारण करती थी। वे दोनों विद्यालय जाते थे। वे खेल देखते थे। हम संस्कृत पढ़ते थे। तुम लोग गीत गाते थे। छात्र पाठ याद करते थे।मैं पुस्तक पढ़ता था।मैं फल खाता था। तुम जल पीते थे। वह पत्र लिखता था।वह माला धारण करती थी।वे दोनों विद्यालय जाते थे।वे खेल देखते थे।हम संस्कृत पढ़ते थे।आप लोग गीत गाते थे।छात्र पाठ याद करते थे।
अनुवाद/संस्कृत अनुवाद-
अहं पुस्तकं पठामि स्म।अहं फलं खादामि स्म।त्वं जलं पिबसि स्म।सः पत्रं लिखति स्म।सा मालां धारयति स्म।तौ विद्यालयं गच्छतः स्म।ते क्रीडां पश्यन्ति स्म।वयं संस्कृतं पठामः स्म।यूयं गीतं गायथ स्म। छात्राः पाठं स्मरन्ति स्म।अहं पुस्तकं पठामि स्म।अहं फलं खादामि स्म।त्वं जलं पिबसि स्म।सः पत्रं लिखति स्म।सा मालां धारयति स्म।तौ विद्यालयं गच्छतः स्म।ते क्रीडां पश्यन्ति स्म।वयं संस्कृतं पठामः स्म।यूयं गीतं गायथ स्म। छात्राः पाठं स्मरन्ति स्म।
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जयतु संस्कृतम्।